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मंदिर बनाने के हक में सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला- सतिगुरू दलीप सिंघ जी

 अयोध्या विवाद' पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंदिर के हक में सुनाए फैसले का स्वागत करते हुए नामधारी मुखी सतिगुरू दलीप सिंघ जी ने कहा कि मंदिर के हक में आया फैसला, चाहे देर से ही आया, एक दम दरूसत फैसला है। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाये उतनी ही कम है। उन्होंने कहा कि हम ने शुरू से ही राम मंदिर के हक में आवाज बुलंद की थी। उन्होंने कहा कि यह किसी एक पक्ष की जीत या हार नहीं है बल्कि सच्चाई की जीत है और यह भी कहा कि प्रत्येक पक्ष को इस फैसले का स्वागत करना चाहिए क्योंकि भगवान राम चन्द्र जी केवल हिन्दुओं के ही नहीं बल्कि सभी के भगवान हैं। जिन्होंने अपने पिता जी की आग्या को मानते हुए 14 साल का वनवास भी व्यतीत किया। उन्होंने इतिहास की बातें साँझा करते हुए कहा कि मुगल राज के समय मुसलमान राजाओं द्वारा अनेक मंदिरों को तोड़ कर मस्जिदें बनाई गई, जिस के बारे में हमारी गुरवाणी में लिखा है "ठाकुर दुआरे ढाहिकै तिहि ठउड़ी मासीत  उसारा"। एक ही नहीं बल्कि लाखों मंदिर तोड़ के मस्जिद बनाई गई हैं। आज जो सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर बनाने की आज्ञा दे दी है, हम नामधारी संगत उसका बहुत-बहुत स्वागत और खुलकर समर्थन करते हैं। हिन्दुओं और सारे भारत वासियों को हम बधाई देते हैं। इस मौके पर नवतेज सिंघ  नामधारी, हरविन्द्र सिंघ नामधारी, हरभजन सिंघ फौरमैन, गुरमेल बराड़, तजिंदर सिंघ नामधारी (विश्व हिन्दू परिषद), अजमेर सैनी, प्रभजिन्दर सिंघ प्रिन्स, सेवक देव सिंघ और अरविंद्र सिंघ लाड़ी  और प्रीति सिंघ(भा.ज.पा)मौजूद थे।

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