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झारखंड/हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ेगा विपक्ष

 रांची(  झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विपक्ष विधानसभा चुनाव लड़ेगा। कांग्रेस, राजद और झामुमो में इसकी सहमति बन गई है। समिति बनने के बाद ही सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हुआ है। महागठबंधन के स्वरूप की घोषणा 7 नवंबर तक होने की संभावना है।

 
 
शुक्रवार को हेमंत सोरेन ने कहा कि चुनाव में नेतृत्व के साथ जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वामदलों से बात हो रही है। झाविमो को भी साथ लाने की कोशिश करेंगे। इस बीच नेतृत्व के मसले पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष अभय सिंह ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ही चुनाव मैदान में जाएंगे। गठबंधन से झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी के बाहर हो जाने से विपक्षी दलों के बीच नेतृत्व का विवाद सुलझ गया है।
 
नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे
 
लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस एवं अन्य दलों के कई नेता नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े कर रहे थे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने इस सवाल पर स्वीकार किया कि विधानसभा चुनाव में जेएमएम में बड़े भाई की भूमिका में होगा। इधर, कांग्रेस के पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा- वे चाहते हैं कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़ा जाए। हेमंत सोरेन ने लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहा था। तब कांग्रेस ने भी उन्हें विधानसभा चुनाव में नेतृत्व देने की बात कही थी।
 

5 नवंबर को होगी 5 दलों की बैठक जिसमें होगा निर्णय
वाम दलों की बैठक 5 नवंबर को होगी। इसमें भाकपा, माकपा, भाकपा माले, मासस आदि के नेता शामिल होंगे। बैठक में विधानसभा चुनाव के संदर्भ में रणनीतियां बनेगी। भाजपा नेता अजय कुमार सिंह ने बताया कि वाम दलों को पांच सीटें देने की बात भी सुन रहे हैं पर यह हास्यास्पद है। वाम दल के नेता इस पर सहमत नहीं है।
 

बंधु और प्रदीप यादव के लिए सीट छोड़ सकता है महागठबंधन
जेवीएम ने प्रदीप यादव और बंधु तिर्की से करीब किनारा कर लिया है। ऐसे में महागठबंधन के नेता इस बात पर सहमत है कि बंधु तिर्की और प्रदीप यादव को साथ रखा जाए। प्रदीप यादव अगर झामुमो में शामिल नहीं हो पाते हैं तो वे निर्दलीय या किसी दूसरे दल के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे। ऐसी स्थिति में महागठबंधन उनके खिलाफ प्रत्याशी नहीं देगा। ऐसी संभावना है कि बंधु तिर्की झामुमो में शामिल हो जाए पर ऐसा नहीं हुआ तो वह भी महागठबंधन के समर्थित उम्मीदवार हो सकते हैं।

5 चरणाें में 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक होंगे चुनाव
 
झारखंड विधानसभा के चुनाव पांच चरणों में 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक होंगे। मतगणना 23 दिसंबर को होगी। नक्सल प्रभावित राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा 37 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। उसकी सहयोगी आजसू को पांच सीटें मिली थीं। दोनों ने मिलकर सरकार बनाई थी। चुनाव के बाद झाविमो के छह विधायकों ने भी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था।

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