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प्रो. विधु रावल

कांग्रेस की बैचनी और तिलमिलाहट हार का प्रतीक

 कहते है कि पराजय की आहट भर से कमज़ोर व्यक्ति बौखला जाता है तथा बैचनी और तिलमिलाहट में अनैतिक हमले करने लगता है। लोकसभा चुनावों में निश्चित हार से बोखलाए कांग्रेस के अध्यक्ष सोनियपुत्र राहुल गांधी तो पहले ही अपने प्यादों से 'चौकीदार चोर है' के नारे लगवा ही रहे थे, राजवंश की ताज़ातरीन उपज राहुल गांधी की बहन कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा भी पिछले दिनों एक वीडियो में छोटे बच्चों को देश के प्रधानमंत्री के विरुद्ध सिखाई हुई भद्दी गालियों का टेस्ट लेकर संतोष एवं गर्व से भरी दिखी।

 
 
प्रियंका वाड्रा प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध चुनाव लड़ने का बार बार ऐलान करने के बाद, वाराणसी से भागने की खिसियाहट व मोदी जी के प्रति अंध-घृणा की तृप्ति के लिए छोटे छोटे बच्चों में अमर्यादित शिक्षा भर रही हैं। वो उनको सिखाती है और फिर अपनी दी गयी सीख को वह बच्चों से जोर जोर से सुनती है और खिलखला कर हंसती व आंतरिक सुख प्राप्त करती है। 
 
दिलचस्प है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ भद्दे नारे लगवाने वाली प्रियंका वाड्रा किसानों की जमीन हड़पने वाले रॉबर्ट वाड्रा की पत्नी हैं, ब्रिटिश नागरिकता मामले में फंसे व नेशनल हेराल्ड घोटाले में जमानती राहुल गांधी उर्फ राउल विंची की बहन हैं और आगस्टा वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर में दलाली खाने वाली व नेशनल हेराल्ड घोटाले में जमानती सोनिया मानियो और बोफोर्स घोटाले का दलाल राजीव गांधी की बेटी हैं।  प्रियंका वाड्रा अपनी कुंठाओ और मानसिक अवसादों के लिए मासूम बच्चों को मोदी जी के विरुद्ध अभद्र नारे सीखा रही है और जब बच्चे उन नारो को दोहराते है, तो प्रियंका भाव विहल हो कर खिलखलाती है और उन्हें परम सुख की अनुभूति होती है।
 
हो सकता है कि प्रियंका और उनके भाई राहुल गांधी के दिमाग मे यह बात किसी ने घुसेड़ दी हो कि यह नारा कांग्रेस की 2019 के चुनाव में वैतरणी पार कराएगा और राहुल अपने पिता, दादी व दादी के पिता की तरह भारत का प्रधानमंत्री बन जायेगा। उसको इस नारे व उससे मिलने वाले लाभों के प्रति इतनी आसक्ति हो गयी है कि वह मानसिक विच्छिप्तता की स्थिति को प्राप्त हो गया है। लेकिन अपनी इसी स्थिति के कारण, उसको सर्वोच्च न्यायालय में माफी मांगने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह राजवंशी परिवार भारतीय जनमानस व धरातल की वास्तविकता से इतना कट चुका है कि इतना सब होने पर भी प्रधानमंत्री मोदी जी के विरुद्ध अनर्गल व अभद्र नारों से परिवर्जन नही कर पा रहा है। इसका ही परिणाम है कि अपने भाई राहुल गांधी की देखा देखी, प्रियंका गांधी भी चौकीदार चोर के श्वान घोष में कूद पड़ी। लेकिन जैसा नया मुल्ला ज्यादा प्याज खाता है वैसे ही प्रियंका का इस श्वान प्रतियोगिता में भागिता बेहद घृणास्पद है। 
 
इस मदांत अहंकारी, अभिजात वर्गीय घृष्टता व अभद्र आचरण को भारत की जनता देख रही है। वह मन बना चुकी है कि जिस भारत के प्रधानमंत्री ने गत 5 वर्षो में भारत व उसकी जनता के उत्थान के लिए दिन रात एक कर दिया है, उस पर अमर्यादिता व अभद्र नारों की बौछार करने व कराने वाले पापियों को क्या सज़ा देनी है। राहुल के इस कथन पर की उनके नारे की पुष्टि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई है, सर्वोच्च न्यायालय के माननीय क्या ताड़ना देंगे यह तो समय ही बताएगा। लेकिन भारत की जनता जमानत पर रिहा राहुल गांधी की इस घृष्टता को तिहार जेल के अंदर भेजे जाने की स्थिति बनाकर, अपनी ताड़ना सुरक्षित कर चुकी है। इस बार के चुनाव में महाभ्रष्ट राजवंशी परिवार को देश की जनता के साथ साथ, अमेठी व रायबरेली की जनता भी इन नारो का जवाब देगी।

लेखक: प्रो. विधु रावल
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